मरदह: एक अनोखा और प्रेरणादायक सत्र हाल ही में आयोजित किया गया, जिसमें 'भारत के लाफिंग बुद्धा' के नाम से प्रसिद्ध नागेश्वर दास ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं को हँसी का मंत्र दिया। इस सत्र का उद्देश्य हँसी के वैज्ञानिक और मानसिक लाभों के बारे में जागरूकता फैलाना था।

नागेश्वर दास ने अपने व्याख्यान में हँसी को केवल एक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली औषधि के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि "हँसी न केवल तनाव को कम करती है, बल्कि यह आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाती है।" उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे कक्षाओं में हँसी और आनंद का वातावरण बनाएं, जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि हो।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने 'लाफिंग बुद्धा' के साथ मिलकर जमकर ठहाके लगाए, जिससे पूरा विद्यालय हँसी की गूंज से गूँज उठा। सभी लोग अपनी परेशानियों और तनाव को भूलकर खुलकर हँस रहे थे।

विद्यालय के संस्थापक श्री सीताराम सिंह यादव ने भावुक होते हुए कहा, "लाफिंग बुद्धा जी की वजह से आज हमें अहसास हुआ कि हम अपनी हँसी को कब और कैसे भूल गए थे। आज ऐसा लग रहा है जैसे हमारी हँसी हमसे फिर से जुड़ गई है।"

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विनय कुमार यादव ने कार्यक्रम के प्रभावी और प्रेरणादायक परिणामों पर अपनी बात रखते हुए कहा, "लाफिंग बुद्धा नागेश्वर दास जी का यह सत्र अत्यंत प्रेरणादायक था। मैं चाहता हूँ कि यह कार्यक्रम सिर्फ हमारे विद्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर स्कूल में आयोजित किया जाए, ताकि हर बच्चा हँसी की शक्ति को समझे और तनावमुक्त शिक्षा का लाभ उठा सके।"

इस कार्यक्रम ने बच्चों को न केवल हँसी के महत्व से परिचित कराया, बल्कि उन्हें हास्य योग तकनीकों को अपनी दिनचर्या में अपनाने का संकल्प भी दिलवाया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने नागेश्वर दास का आभार व्यक्त किया और उनके द्वारा दिए गए हँसी के मंत्र को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान राधेश्याम सिंह यादव, जयराम राम, काशी नाथ यादव, चंद्रजीत यादव, रविंद्र यादव, राधेश्याम यादव, रामआशीष यादव, कमला सिंह, संगीता देवी, प्राची यादव, अन्नू विश्वकर्मा, धर्मेंद्र गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।