गाजीपुर: शुक्रवार को पंचायत सहायक कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले जिले के पंचायत सहायकों ने जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्या से मुलाकात की। इस दौरान पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय में वृद्धि, सेवा नियमावली में संशोधन और अन्य सुविधाओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की और शासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
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मानदेय वृद्धि: पंचायत सहायकों का मानदेय ₹29,910 प्रति माह किया जाए और इसे ग्राम निधि से हटाकर राज्य निधि से भुगतान किया जाए।
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स्थायी सेवा नियमावली: अनुबंध प्रणाली को समाप्त कर पंचायत सहायकों के लिए स्थायी सेवा नियम लागू किया जाए।
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स्थानांतरण नीति: महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण नीति लागू की जाए और नगर पंचायत में समायोजन की व्यवस्था हो।
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50% आरक्षण: पंचायत सहायकों को ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाए।
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सुविधाएं: पंचायत सहायकों को फोन, समय पर मानदेय भुगतान और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
पंचायत सहायकों ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की ताकि उन्हें अपने कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनका मनोबल बना रहे। इस दौरान पंचायत सहायक कल्याण समिति, गाजीपुर के जिलाध्यक्ष भीम प्रजापति, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीलम सिंह, जिला सचिव अभिषेक सिंह, जिला कोषाध्यक्ष रोहित राव, उपाध्यक्ष अमरनाथ राम एवं ओमप्रकाश भारती, संगठन मंत्री राहुल गौतम, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष आरती राव, महिला मंत्री सरिता यादव सहित जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्ष और पंचायत सहायक मौजूद रहे।
पंचायत सहायकों की यह पहल राज्य सरकार के सामने उनकी परेशानियों और मांगों को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।