गाजीपुर, 27 मार्च – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भा.क.पा.) ब्रांच रेवशा का 14वां वार्षिक सम्मेलन स्थानीय शिव मंदिर परिसर में कामरेड भूसी बिंद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत में पार्टी का झंडा वरिष्ठ साथी सूर्यनाथ जी द्वारा फहराया गया, इसके बाद पार्टी गीत "मजलूमो ने मुल्को मुल्को में झंडा लाल उठाया है" का सामूहिक गान हुआ।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अमेरिका सिंह यादव ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का गठन 26 दिसंबर 1926 को कानपुर में हुआ था। तब से पार्टी ने स्वतंत्रता संग्राम में अप्रतिम कुर्बानी दी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के बाद, पार्टी ने जमींदारी उन्मूलन, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निर्माण, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, मनरेगा कानून, सूचना प्राप्त करने का अधिकार, और आदिवासी-वनवासी कानून बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अमेरिका सिंह यादव ने आगे कहा कि आज देश में संविधान, आरक्षण, लोकतंत्र, और साझा शहादत व साझा विरासत को बचाने की प्रमुख चुनौती है। इसके लिए एक मजबूत संघर्ष की आवश्यकता है, जो तब संभव होगा जब पार्टी का संगठन मजबूत रहेगा।
सम्मेलन में पार्टी के जिला सह मंत्री ईश्वरलाल गुप्ता ने अनुशासनपूर्ण संगठन निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे प्रमुख हैं। वर्तमान सरकार केवल पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही है और सत्ता में बने रहने के लिए विभाजनकारी नीतियों को अपनाए हुए है। इस स्थिति में किसानों, मजदूरों और भगत सिंह के सपनों का भारत बनाने के लिए एक मजबूत संगठन की आवश्यकता है।
ब्रांच मंत्री लल्लन बिंद ने सांगठनिक और कार्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर डॉ. शिवमूरत, सुरेश विश्वकर्मा, बाँझारू, सुमित्रा देवी, मुन्नीलाल आदि ने बहस में हिस्सा लिया। सम्मेलन में लल्लन बिंद को मंत्री, सुरेश विश्वकर्मा को सह मंत्री और मुन्नीलाल को कोषाध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना गया।
सम्मेलन में सदस्यता बढ़ाने और संगठन को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।