नेहरू युवा केंद्र, माय भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 16वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के चौथे दिन नेहरू युवा केंद्र उत्तर प्रदेश के उपनिदेशक माहे आलम, करियर गुरु रविंद्र सहाय, और युवा आइकन डॉक्टर नंदकिशोर द्वारा शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से किया गया।
इस अवसर पर करियर गुरु रविंद्र सहाय ने जनजाति युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, और इसमें प्रत्येक व्यक्ति का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार सृजन में सक्रिय भूमिका निभाएं और अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए कुछ ऐसा करें, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनका नाम याद रखें।
नेहरू युवा केंद्र उत्तर प्रदेश के उपनिदेशक ने शैक्षणिक क्षेत्र की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए भाषण प्रतियोगिता के आयोजन का प्रस्ताव रखा, जिससे युवाओं को अपने विचार और दृष्टिकोण व्यक्त करने का एक मंच मिल सके।
सायं कालीन सत्र में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में 'आतंकवाद बनाम विकास', 'देशभक्ति' और 'राष्ट्र निर्माण' जैसे विषयों पर युवाओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही, 'विकसित भारत @ 2047' पर चर्चा करते हुए युवाओं ने अपने दृष्टिकोण को साझा किया। इस प्रतियोगिता में देश भर से आए युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी मानसिकता और दृष्टिकोण को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान जूडो कराटे के विशेषज्ञों और उनकी टीम ने महिलाओं और युवाओं को अपनी सुरक्षा के उपायों और आत्मरक्षा के गुण सिखाए। यह सत्र विशेष रूप से युवतियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा के महत्व को समझने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें डॉ. शशांक शेखर दुबे, डॉ. सौरभ, डॉ. आशीष, फार्मासिस्ट प्रमोद और श्रीमती प्रियंका यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन चिकित्सकों ने शिविर में आए युवाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक किया।
इस शिविर के प्रबंधक शिवधार यादव ने 'अतिथि देवो भव' की भावना से कार्य करते हुए आयोजन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। शिविर की सफलता में जिला युवा अधिकारी रामगोपाल यादव, अंगद सिंह यादव, मनोज शर्मा, राकेश, डॉक्टर शिव शंकर, राजीव, कालीचरण और अन्य ने सराहनीय सहयोग दिया।
शिविर के आयोजक प्रतीक साहू ने प्रशासन और सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया और इस सफल आयोजन को जनजाति युवाओं के लिए प्रेरणादायक और भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक, शैक्षिक, और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बेहतरीन पहल साबित हुआ और भविष्य में युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।