वाराणसी। नेहरू युवा केंद्र, माय भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 16वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पांचवें दिन प्रातःकाल दैनिक क्रिया, स्वच्छता, योग, प्रार्थना और अल्पाहार के बाद शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नेहरू युवा केंद्र संगठन उत्तर प्रदेश के उपनिदेशक माहे आलम, वाराणसी के जिला युवा अधिकारी प्रतीक साहू, भदोही के जिला युवा अधिकारी राम गोपाल, अग्रणी बैंक प्रबंधक अविनाश अग्रवाल, प्रबंध निदेशक शिवाधार यादव, एनडीआरएफ वाराणसी के सुधीर कुमार सिंह और उनकी टीम तथा आबकारी निरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्र और श्रीकांत त्रिपाठी ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

पूर्व सायंकालीन सत्र में हृदेश कुमार, आईपीएस, डी.आई.जी. वाराणसी ने जनजातीय युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्तिगत सत्ता को राष्ट्रीय सत्ता से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत को और अधिक गौरवशाली बनाने के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना युवाओं को पूरा करना चाहिए। हृदेश कुमार ने यह भी कहा कि कुछ क्षेत्र मुख्यधारा से वंचित रह गए हैं, लेकिन सरकार उन्हें राष्ट्र के विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने जनजातीय युवाओं से काशी कारीडोर, नमो घाट और गंगा घाट के दर्शन करने की अपील की, ताकि उन्हें राष्ट्र की महत्ता का अहसास हो सके।

यू पी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डी. के. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम हमें प्रभावित करने वाला है, क्योंकि बनारस सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिकता का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत और विकसित बनाने के लिए हम सभी का एक ही उद्देश्य होना चाहिए, चाहे हम किसी भी धर्म, जाति या क्षेत्र से हों।

अग्रणी बैंक के प्रबंधक अविनाश अग्रवाल ने वित्तीय साक्षरता पर बात करते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे पैसे से जुड़े फैसले समझदारी से लें ताकि वे वित्तीय धोखाधड़ी और घोटालों से बच सकें। इसके बाद आपदा प्रबंधन के सुधीर कुमार सिंह ने युवाओं को आपदा प्रबंधन के महत्व और उसके कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन का उद्देश्य आपदाओं के प्रभाव को कम करना और आपातकालीन स्थिति में मदद करना है।

आबकारी निरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्रा और श्रीकांत त्रिपाठी ने नशा उन्मूलन पर अपने विचार रखे। उन्होंने नशे को समाज के लिए एक गंभीर समस्या बताया, जो शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया गया।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कई लोगों ने योगदान दिया, जिनमें नवीन सिंह (लेखा एवं कार्यक्रम सहायक), राजीव कुमार, राकेश शिव शंकर, अंगद सिंह यादव, मनोज शर्मा, कालीचरण, राम सिंह वर्मा और जिला प्रशासन शामिल हैं। इस प्रकार, यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।