गाज़ीपुर। जनपद आजमगढ़ के थाना जहानागंज क्षेत्र के ग्राम दौलताबाद के निवासी रफीक सिद्दीकी जो  इस समय दुल्लहपुर में रहते हैं, ने दुल्लहपुर पुलिस के खिलाफ उन्होंने कहा कि उनके भाई गोलू अहमद और उनके मामा के लड़के आरिफ अहमद को पुलिस ने राजनैतिक रंजिश के चलते अवैध रूप से उठा लिया।  

रफीक सिद्दीकी का कहना है कि इस मामले में उनके पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जो यह साबित करता है कि उनके भाई गोलू अहमद उस समय दुल्लहपुर बाजार स्थित जन्नत गारमेंट्स नामक कपड़े की दुकान पर मौजूद थे। रफीक के अनुसार, इस समय के फुटेज में गोलू अहमद दुकान पर दिख रहे हैं, जबकि उन्हें और उनके भाई को राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण पुलिस ने पकड़ लिया।

रफीक ने बताया कि उनके मामा के लड़के आरिफ को भी पुलिस ने राजनैतिक रंजिश के कारण अवैध रूप से गिरफ्तार किया। यह पूरी घटना उनके लिए मानसिक संकट का कारण बन रही है। रफीक ने मामले की सही विवेचना की मांग की है और उन्होंने अपने द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज की पेन ड्राइव के साथ एक आवेदन उच्च स्तर के अधिकारियों को भी भेजा है।

रफीक सिद्दीकी ने पुलिस द्वारा किए गए इस कदम को पूरी तरह से अपमानजनक और अनुचित बताया है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि इस मामले की जांच किसी अन्य थाना में स्थानांतरित की जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। उनका कहना है कि घटना के दौरान यह पूरा मामला एक राजनीतिक रंजिश का परिणाम प्रतीत होता है, जिससे उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है।

इस मामले में रफीक ने गाज़ीपुर पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि अपराध  की विवेचना किसी अन्य थाना के थानाध्यक्ष को सौंपा जाए, ताकि मामले की सही और निष्पक्ष जांच हो सके। रफीक ने यह उम्मीद जताई है कि न्याय मिलेगा और इस अत्याचार को सही तरीके से देखा जाएगा।

इस पूरे मामले में यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है? क्या यह मामला एक साधारण गिरफ्तारियों का है, या फिर इसमें राजनीति की कोई साजिश छिपी हुई है? गाज़ीपुर जिले में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है, और लोग यह देख रहे हैं कि पुलिस इस मामले को किस दिशा में ले जाती है।

 उच्च अधिकारी इस मामले में किस तरह की कार्रवाई करते हैं और क्या रफीक सिद्दीकी को न्याय मिलेगा या नहीं।