गाजीपुर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत - जिले में एक हजार युवा उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य था। लेकिन, केवल 416 युवाओं को ही स्वरोजगार के लिए लोन मिल पाया। शेष मामले फाइलों में अटके हैं। इससे आत्मनिर्भर होने की चाह रखने वाले हुनरमंद युवाओं के सपने टूटते नजर आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लिए कुल 1356 युवाओं ने आवेदन किया था। इसमें 108 आवेदक महिलाएं हैं। 416 आवेदकों का लोन स्वीकृत हुआ है। वहीं अब तक 225 आवेदकों को लोन मिल चुका है।

योजना का उद्देश्य कुशल युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराना है।

पांच लाख का लोन 100 प्रतिशत ब्याजमुक्त बिना गारंटी के देने का प्रावधान है। योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक की उम्र 21 से 40 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही जिस रोजगार को शुरू करना है, उसका विस्तृत खाका भी प्रस्तुत करना होता है।

परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी देने का भी नियम है। शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम आठवीं उत्तीर्ण है। साथ ही मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी होना चाहिए।

योजना का मुख्य उद्देश्य हुनरमंद युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। उद्योग विभाग के उद्योग सहायक प्रबंधक विवेक वर्मा ने बताया कि योजना के तहत 1356 आवेदकों ने आवेदन किया था। अब तक 416 आवेदकों का लोन स्वीकृत हो गया है।